हज़रत शाह मुहम्मद आज़म चिश्ती देहलवी रहमतुल्लाह अलैह

बैअतो खिलाफत

आप हज़रत मौलाना फखरुद्दीन फखरे जहाँ चिश्ती देहलवी रहमतुल्लाह अलैह, के मुरीदो खलीफा थे, एक बा कमाल इबादत गुज़ार बुज़रुग थे, इस के बावजूद मिजाज़ में हद्द दर्जा आजिज़ी इंकिसारी थी, तन्हाई गोशा नशीनी पसंद फरमाते थे, आप ने बड़ी इबादतों रियाज़त और मुजाहिदात किए, तकरीबन 12/ साल दरगाह अजमेर शरीफ में इबादतों रियाज़त में मशगूल रहे, आप रहमतुल्लाह अलैह ने तीन 3/ हज किए थे, आप की तवज्जुह इतनी कवी थी के बहुत कम अरसे में मुरीदीन को आला मकाम तक पंहुचा देते थे।

वफ़ात

आप रहमतुल्लाह अलैह ने 1234/ हिजरी को वफ़ात पाई।

मज़ार मुबारक

आप रहमतुल्लाह अलैह का मज़ार शरीफ, खूनी दरवाज़ा, के बिल मुकाबिल फ़िरोज़ शाह कोटला, से पहले किरकिट ग्राउंड स्टेडियम, के गेट नंबर 3/ के पास पेट्रोल पंप के पीछे है, मज़ार शरीफ की हालत बहुत खस्ता थी, डी, डी, सी, वाले इस को खत्म करना चाहते थे, लेकिन जनाब सूफी अब्दुल वाहिद पीर जी, साकिन मोहल्ला गंज मीर खान ने जनाब शोएब इक़बाल साहब, के ज़रिए इस को अपनी निगरानी में ले लिया, अल्हम्दुलिल्लाह तामीरी काम जारी है, हर जुमेरात को ज़ाएरीन की भीड़ होती है, फातिहा ख्वानी और लंगर भी तकसीम होता है, और मज़कूरा सूफी जी के ज़ेरे निगरानी सालाना उर्स की तक़रीब भी होती है, अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त दोनों जहाँ की बरकतें अता फरमाए।

“अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त की उन पर बेशुमार रहमत हो और उन के सदके में हमारी मगफिरत हो”

रेफरेन्स हवाला

रहनुमाए मज़ाराते दिल्ली

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