हज़रत ख्वाजा अबू बक्र मुसल्ला दार चिश्ती देहलवी रहमतुल्लाह अलैह

हज़रत ख्वाजा अबू बक्र मुसल्ला दार चिश्ती रहमतुल्लाह अलैह

आप सुल्तानुल मशाइख सरकार महबूबे इलाही निज़ामुद्दीन औलिया देहलवी रहमतुल्लाह अलैह की भांजी, हज़रत बीबी रुकय्या, के साहब ज़ादे हैं, हज़रत ख्वाजा अबू बक्र मुसल्ला दार चिश्ती रहमतुल्लाह अलैह हर वक़्त हज़रत! के साथ रहते और खिदमत करते थे, और तमाम कामो के बावजूद हमेशा रोज़ा रखते थे, जुमा शरीफ को बाद नमाज़े फजर सरकार महबूबे इलाही निज़ामुद्दीन औलिया देहलवी रहमतुल्लाह अलैह का मुसल्ला! जामा मस्जिद किलोखड़ी गाऊं ले जाते थे, इस लिए आप को मुसल्ला दार! के नाम से याद किया जाता है,

सरकार महबूबे इलाही निज़ामुद्दीन औलिया देहलवी रहमतुल्लाह अलैह की वफ़ात के बाद आप के बाज़ मुरीद गाऊं और ज़मीनो के हासिल करने में मशगूल हो गए लेकिन आप ने किसी चीज़ से तअल्लुक़ नहीं रखा, और सरकार महबूबे इलाही निज़ामुद्दीन औलिया देहलवी रहमतुल्लाह अलैह की बरकत से इन्होने और इन मुतअल्लिक़ीन ने निहायत खुश ज़िन्दगी गुज़ारी।

वफ़ात

हज़रत ख्वाजा अबू बक्र मुसल्ला दार चिश्ती रहमतुल्लाह अलैह ने 27/ रजाबुल मुरज्जब को वफ़ात पाई।

मज़ार मुबारक

आप का मज़ार शरीफ दरगाह सरकार महबूबे इलाही निज़ामुद्दीन औलिया देहलवी रहमतुल्लाह अलैह के अंदर हज़रत ख्वाजा अबुल हसन अमीर खुसरू रहमतुल्लाह अलैह के मज़ार मुक़द्दस से पूरब की जानिब रास्ते में आगे वुज़ू खाना के बराबर में ही मरजए खलाइक है,

“अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त की उन पर बेशुमार रहमत हो और उन के सदके में हमारी मगफिरत हो”

रेफरेन्स हवाला

रहनुमाए मज़ाराते दिल्ली

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