हज़रत सय्यद शाह आले इमाम जुम्मा मियां बरकाती रहमतुल्लाह अलैह

विलादत शरीफ

आप की विलादत 1194, हिजरी में हुई।

वालिद माजिद

आप हज़रत सय्यद शाह आले बरकात सुथरे मियां रहमतुल्लाह अलैह! के बड़े साहबज़ादे हैं, और आप के दादा जान सय्यदुल आरफीन हज़रत शाह हमज़ाह ऐनी मारहरवी रदियल्लाहु अन्हु है, और आप के पर दादा का नामे नामी इस्मे गिरामी हज़रत सय्यद शाह आले मुहम्मद मारहरवी रहमतुल्लाह अलैह! हैं।

इजाज़तो खिलाफत

हज़रत सय्यद शाह आले इमाम जुम्मा मियां बरकाती रहीमाहुल्लाह को बैअतो खिलाफत मुरीदी का शरफ़ अपने चचा शमशे मारहरा हज़रत सय्यद शाह आले अहमद अच्छे मियां मारहरवी कुद्दीसा सिररुहुन नूरानी से हासिल था।

आप का अक़्द मस्नून

हज़रत सय्यद शाह आले इमाम जुम्मा मियां बरकाती रहीमाहुल्लाहका पहला निकाह अपने चचा जान हज़रत सय्यद शाह आले हुसैन सच्चे मियां रहमतुल्लाह अलैह की साहबज़ादी से हुआ, और दूसरा निकाह हज़रत सय्यद फ़कीर साहब बिन शाह गदा की साहबज़ादी से हुआ, पहली बीवी से एक साहबज़ादे (1) हज़रत सय्यद औलादे हुसैन और तीन लड़कियां हुईं जबके दूसरी बीवी से हज़रत सय्यद इब्ने इमाम! और हज़रत सय्यद आले मुहम्मद तवल्लुद हुए।

इन्तिक़ाले पुरमलाल

आप का विसाल 8/ रमज़ानुल मुबारक 1248, हिजरी को हुआ।

मज़ार शरीफ

आप का मज़ार मुबारक कोआत बिहार रोहतास ज़िले में मरजए खलाइक है

“अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त की उन पर बेशुमार रहमत हो और उन के सदके में हमारी मगफिरत हो”

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रेफरेन्स हवाला

बरकाती कोइज़
तारीखे खानदाने बरकात

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