हुज़ूर नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की ज़िन्दगी (Part-3)

हुज़ूर नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की ज़िन्दगी (Part-3)

कुफ्फार का वफ्द (जमात, टीम) बारगाहे रिसालत में एक मर्तबा सरदाराने क़ुरैश हरमे काबा में बैठे हुए ये सोचने लगे की अगर इतनी तकलीफ और सख्तियां बर्दाश्त करने के बावजूद मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अपनी तब्लीग क्यों बंद नहीं करते? आखिर इन का मक़सद क्या है मुमकिन है ये इज़्ज़त जाहो हशमत या सरदारी दौलत […]

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