खिलाफ़तो इजाज़त
आप हज़रत ख्वाजा सालार मुहीन चिश्ती देहलवी रहमतुल्लाह अलैह सरकार महबूबे इलाही निज़ामुद्दीन औलिया देहलवी रहमतुल्लाह अलैह! के मुरीद थे, ज़ुहदो वरा, तकवाओ तदय्युन मुत्तकियो परहेज़गार, और अल्लाह पाक की राह के आशिक थे, आप का बातिन, सरकार महबूबे इलाही निज़ामुद्दीन औलिया देहलवी रहमतुल्लाह अलैह! की हिमायत से भरा हुआ था, हर वक़्त हज़रत का ज़िक्र करते रहते थे, जिस की नज़र आप के जमाल मुबारक पर पड़ती उस का दिल आप की मुहब्बत से हिलने लगता था, आप को गोशा नशीनी पसंद थी, आप को जो कुछ गैब से मिलता था, उस पर कनाअत करते, किसी मखलूक की तरफ मुतवज्जेह नहीं होते।
मज़ार
आप रहमतुल्लाह अलैह का मज़ार मुबारक, सरकार निज़ामुद्दीन औलिया देहलवी रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह में था।
“अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त की उन पर बेशुमार रहमत हो और उन के सदके में हमारी मगफिरत हो”
रेफरेन्स हवाला
रहनुमाए मज़ाराते दिल्ली

