खिलाफ़तो इजाज़त
आप हज़रत ख्वाजा ताजुद्दीन दावरी चिश्ती देहलवी रहमतुल्लाह अलैह सरकार महबूबे इलाही निज़ामुद्दीन औलिया देहलवी रहमतुल्लाह अलैह! के मुरीद थे, ज़ुहदो वरा, तकवाओ तदय्युन मुत्तकियो परहेज़गार, और तारिकुद दुनिया थे, आप के दिल में सरकार महबूबे इलाही निज़ामुद्दीन औलिया देहलवी रहमतुल्लाह अलैह! की इतनी मुहब्बत थी के जब कोई आप के सामने हज़रत! का नाम लेता तो आप की आँखों से आंसू जारी हो जाते थे,
वफ़ात
हज़रत ख्वाजा ताजुद्दीन दावरी चिश्ती देहलवी रहमतुल्लाह अलैह खुल्दाबाद से आते हुए खतोली गाँव में चंद रोज़ बीमार रहकर वफ़ात पाई, वक़्ते वफ़ात आप के होंठों पर मुस्कुराहट थी।
मज़ार
आप रहमतुल्लाह अलैह का मज़ार मुबारक, सरकार निज़ामुद्दीन औलिया देहलवी रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह में था।
“अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त की उन पर बेशुमार रहमत हो और उन के सदके में हमारी मगफिरत हो”
रेफरेन्स हवाला
रहनुमाए मज़ाराते दिल्ली

