हज़रत क़ाज़ी सअद चिश्ती व क़ाज़ी इमाद रहमतुल्लाह अलैहा
आप क़ुत्बुल अक्ताब हज़रत ख्वाजा कुतबुद्दीन बख्तियार काकी देहलवी रहमतुल्लाह अलैह के मुरीद थे, आप की महफ़िलों में शरीक हुआ करते थे।
मज़ार शरीफ
आप के मज़ारात मुबारक, महरूली शरीफ दिल्ली 30/ में तालाब शम्शी के पच्छिम की जानिब थे, मगर अफ़सोस हम को नहीं मिले।
“अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त की उन पर बेशुमार रहमत हो और उन के सदके में हमारी मगफिरत हो”
रेफरेन्स हवाला
रहनुमाए मज़ाराते दिल्ली

